चलती सीढ़ियों (एस्केलेटर) पर चलना क्यों खतरनाक है?

🛑 चलती सीढ़ियों (एस्केलेटर) पर चलना क्यों खतरनाक है?

जानिए वो 5 कारण जो आपकी सुरक्षा और दूसरों की सुविधा से जुड़े हैं!

🚶‍♂️ लोग सोचते हैं – तेज़ी से निकल जाऊं!

लेकिन हकीकत ये है कि एस्केलेटर पर चलना न केवल असुरक्षित है, बल्कि भीड़ और व्यवस्था के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

🔎 1. असंतुलन का ख़तरा

एस्केलेटर की सतह लगातार चलती रहती है। उस पर चलने से पैर फिसलने, झुकने या गिरने का ख़तरा बढ़ जाता है।

खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों या सामान लिए हुए लोगों के लिए यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।

🧍 2. एक तरफ खड़े होने से व्यवस्था बनी रहती है

दुनियाभर में एक नियम चलता है —

👉 एक साइड खड़े रहो (जैसे भारत में दाएँ),

👉 दूसरी साइड खाली रखो, ताकि ज़रूरतमंद निकल सकें।

लेकिन जब लोग चलने लगते हैं, ये नियम टूटते हैं और भीड़, रुकावट व टकराव की स्थिति बनती है।

🛠️ 3. एस्केलेटर को झटका लग सकता है

जब ज़्यादा लोग चलते हैं, तो मशीन पर असामान्य दबाव पड़ता है।

इससे मशीन को नुकसान हो सकता है और खराबी की संभावना बढ़ जाती है।

🧑‍🤝‍🧑 4. दूसरों की सुरक्षा को खतरा

अगर आप चल रहे हैं और सामने वाला व्यक्ति स्थिर है, तो

✅ आप उसे धक्का मार सकते हैं

✅ वो गिर सकता है

✅ एक चेन रिएक्शन में कई लोग घायल हो सकते हैं

⏳ 5. रिसर्च क्या कहती है?

लंदन और टोक्यो जैसे शहरों ने पाया कि

जब लोग सिर्फ खड़े रहते हैं, तो

👉 एस्केलेटर की क्षमता 30-40% बढ़ जाती है

👉 कम भीड़ लगती है

👉 कम हादसे होते हैं

✅ तो क्या करें?

✔️ हमेशा एस्केलेटर पर स्थिर खड़े रहें

✔️ एक साइड छोड़ दें ज़रूरतमंद के लिए

✔️ बच्चों और बुजुर्गों का हाथ पकड़ कर चढ़ें

✔️ सुरक्षा को प्राथमिकता दें, जल्दबाज़ी को नहीं!

📌 निष्कर्ष:

> “जल्दी पहुँचने के चक्कर में कहीं गिर ना पड़ो!”

एस्केलेटर आपकी सुविधा के लिए है — स्पीड रेस के लिए नहीं।

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